आपका स्वागत है

Author Image
नमस्ते

मैं अज़ीज़ राय

अभियंता, विज्ञान संचारक और लेखक

लखनादौन (म.प्र.) का रहवासी। भोपाल में रहकर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन से अभियांत्रिकी की पढ़ाई की है। शौकिया तौर पर विज्ञान के प्रचार-प्रसार हेतु लिखता रहता हूँ। विज्ञान के अलावा धर्म, दर्शन, गणित, इतिहास और प्रशासन मेरे पसंदीदा विषय हैं।


'वैज्ञानिक दृष्टि में वैश्विक समाज' मेरी पहली पुस्तक है। जिसमें विज्ञान के सहजबोध, इतिहास, विकास, दर्शन, वैज्ञानिक खोजें, उसकी विधियाँ, पद्धति, कार्यशैली के आदर्श और मानक तरीके, सामाजिकता तथा इन सब पर वैज्ञानिकों-दार्शनिकों के उद्धरणों का लेखन किया गया है। वर्तमान में विचाराधीन 'आधारभूत ब्रह्मांड' पुस्तक पर लेखन चालू है।

पुस्तक के बारे में

सत्य : तेरे अनेक रूप (वैज्ञानिक, गणितीय, दार्शनिक, धार्मिक और ऐतिहासिक सत्य)
विज्ञान का उद्भव कब हुआ? (वैज्ञानिक पद्धति, विधियों, कार्यशैली और प्रमाण प्रस्तुत के तरीके)
गणित महज एक भाषा (गणित और विज्ञान का आपसी सम्बन्ध, प्रायिकता और अनंत)
विज्ञान और वैश्विक समाज (विज्ञान जगत में : हमारे अधिकार तथा कर्तव्य)
वैश्विक समाज की बाधा (विज्ञान का प्रचार-प्रसार और शिक्षा)
वैज्ञानिक शब्दावली (विज्ञान में परिभाषाओं का महत्त्व तथा 52 परिभाषाएँ)
संदर्भ सूची (पुस्तकें, लेख और चलचित्र)
  • पुस्तक का नाम वैज्ञानिक दृष्टि में वैश्विक समाज
  • प्रकाशक का नाम स्वप्रकाशित
  • पृष्ठों की संख्या 270
  • आईएसबीएन ❌❌❌❌❌❌❌❌❌
  • कुल अध्याय 23 अध्याय (5 खंड)
  • ईमेल-पता basicuniverse@gmail.com
  • ऑनलाइन बुकिंग http://www.basicuniverse.org
  • पुस्तक विमोचन 02 मई 2019

विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ

भौतिक विज्ञान

इसके अंतर्गत प्राकृतिक नियमों, पदार्थ के अमूर्त गुणों, उनके आपसी सह-संबंधों और मापन की पद्धतियों का अध्ययन किया जाता है। विज्ञान की इस शाखा में प्रयोग विधि के साथ-साथ गणित का विशेष महत्त्व है। व्यावहारिक शाखा के रूप में इसी शाखा से तकनीक का प्रादुर्भाव हुआ है।

रसायन विज्ञान

इसके अंतर्गत पदार्थ के गुणों, आपसी भिन्नता और उनके योग से होने वाले परिवर्तन की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है। विज्ञान की इस शाखा में प्रयोग विधि के साथ-साथ वर्गीकरण का विशेष महत्त्व है। व्यावहारिक शाखा के रूप में इसी शाखा से पदार्थ विज्ञान का प्रादुर्भाव हुआ है।

जीव ̶ वनस्पति विज्ञान

इसके अंतर्गत जीव-जंतुओं,पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों में भौतिक-रासायनिक परिवर्तनों और उनके विकास का अध्ययन किया जाता है। इस शाखा में आँकड़े आधारित आगमन विधि के साथ कार्य-कारण सिद्धांत महत्त्वपूर्ण है। व्यावहारिक शाखा के रूप में इन शाखाओं से चिकित्सा और कृषि विज्ञान का प्रादुर्भाव हुआ है।

खगोल विज्ञान

इसके अंतर्गत ग्रह, उपग्रह, तारे और उनके चरण, नक्षत्रों तथा प्राकृतिक नियमों द्वारा संचालित होने वाले आकाशीय पिंडों और तंत्रों की गतियों और उनके घटकों का अध्ययन किया जाता है। इस शाखा में मुख्य रूप से प्रेक्षण विधि उपयोगी है। व्यावहारिक शाखा के रूप में अंतरिक्ष और राकेट विज्ञान फलफूल रहा है।

भू-विज्ञान

इसके अंतर्गत पृथ्वी की आंतरिक और बाह्य संरचना, निर्माण के रासायनिक तत्व और उनमें होने वाले भौतिक-रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन करते हैं। प्रेक्षण विधि के साथ-साथ रेडियो-एक्टिव और कार्बन-14 विधि परीक्षण में सहायक है। व्यावहारिक शाखा के रूप में खनन विज्ञान का प्रादुर्भाव हुआ है।

सामाजिक विज्ञान

इसके अंतर्गत राजनीतिक-आर्थिक-धार्मिक व्यवस्थाओं में घटकों का सामंजस्य, कारकों का प्रभाव, मूल आवश्यकताओं और मानवीय व्यवहार का सिर्फ मात्रात्मक अध्ययन किया जाता है। विवरणात्मक अध्ययन को विज्ञान में शामिल नहीं किया जाता है। व्यापक क्षेत्र के लम्बी समयावधि में एकत्रित किये आँकड़े महत्त्व रखते हैं।

6

सम्मेलनों में प्रतिभागी

2

पुस्तकें

112

प्रकाशित लेख

1

पुरस्कार

विज्ञान जगत

वैज्ञानिक विधियों, कार्यशैली, पद्धति, खोजें, गणित, दर्शन, तकनीक और समाज आदि पर आलेख

हमें लिख भेजिए

आपके प्रश्न, सुझाव, प्रतिक्रिया, आलोचना, समीक्षा या चर्चा का हमेशा स्वागत है।

आपका शुभ-नाम*


आपका सन्देश*


  • मोबाइल नंबर+91-95755-03000
  • डाक-पताएन. एच. 7 मेन रोड चट्टी, लखनादौन (म.प्र.), पिन- 480886
  • ईमेल-पताsampark@vigyanjagat.com